टोंक. बजरी माफिया ने अवैध बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचलकर मारकर हेड कॉन्स्टेबल की हत्या कर दी। टक्कर मारने के बाद ड्राइवर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मौके से भाग गया। कुछ घंटे बाद आरोपी को पकड़ लिया गया। घटना टोंक जिले के कोतवाली थाना इलाके की है। कोतवाली थाने के सीआई भंवरलाल वैष्णव ने बताया कि कोतवाली में तैनात हेड काॅन्‍स्टेबल खुशीराम बैरवा (35) और ड्राइवर जीतराम डायल नंबर 112 वाहन (गश्त वाहन) लेकर मंगलवार शाम को सिंधी श्मशान मोड़ पर खड़े थे। शाम करीब 5.45 बजे बजरी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली आती दिखाई दी। पुलिस की गाड़ी के पास खड़े हेड कॉन्स्टेबल खुशीराम बैरवा ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने का इशारा किया। ड्राइवर ने ट्रैक्टर-ट्रॉली रोकी नहीं और पुलिस जीप के साथ ही हेड कॉन्स्टेबल खुशीराम को कुचल दिया। इसके बाद ड्राइवर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भाग गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से घायल हेड कॉन्स्टेबल खुशीराम को लहूलुहान हालात में सआदत अस्पताल लाया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद डीएसपी राजेश विद्यार्थी और अन्य अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायल हेड कॉन्स्टेबल की स्वास्थ्य की जानकारी ली। हेड कॉन्स्टेबल की हालत गंभीर होने पर उसे जयपुर रेफर किया गया। हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मंगलवार रात करीब 11.30 बजे घायल हेड कॉन्स्टेबल ने दम तोड़ दिया। सीआई भंवर लाल वैष्णव ने बताया कि मंगलवार देर रात को आरोपी ट्रैक्टर ड्राइवर जावेद को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ हेड काॅन्‍स्टेबल खुशीराम बैरवा की हत्या का मामला दर्ज किया गया है। अन्य धाराएं भी जांच के हिसाब से जोड़ी जाएगी। एसपी संजीव नैन ने बताया- पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा। हमारे परिवार का सदस्य कम हो गया है, इसका दुख है। रही बात अवैध बजरी खनन की तो इस पर लगातार पुलिस कार्रवाई कर रही है। हेड कॉन्स्टेबल की ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर मारकर हत्या करने वाले के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बजरी माफिया के खिलाफ और सख्ती की जाएगी। हेड काॅन्‍स्टेबल खुशीराम बैरवा का उनके पैतृक गांव देवली भांची में राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया जाएगा। हेड कॉन्स्टेबल की मौत की सूचना मिलने के बाद उनके घर में मातम छाया हुआ है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। हेड कॉन्स्टेबल खुशीराम बैरवा किसान परिवार से थे। तीन भाइयों में वे सबसे छोटे थे। खुशीराम के 2 बेटे और 1 बेटी है। बड़ा बेटा हिमांशु 5 साल का है। उससे छोटी बेटी गरिमा 3 साल और सबसे छोटा बेटा डेढ़ महीने का है, जिसका अभी तक नाम भी नहीं रखा गया है। साल 2008 में खुशीराम पुलिस में भर्ती हुए थे। 2011 में निवाई क्षेत्र के बिछपुड़ी गांव में उनकी शादी हुई थी। हेड कॉन्स्टेबल खुशीराम बैरवा को शहीद का दर्जा देने, हत्या की उच्च स्तरीय जांच कर हत्यारों को सजा देने, आश्रितों को एक करोड़ की सहायता देने, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मकान देने, बच्चों की निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था करने, पैतृक गांव की स्कूल को शहीद खुशीराम के नाम करने आदि मांगों को लेकर लोगों ने कलेक्टर को ज्ञापन दिया। भीमसेना जिलाध्यक्ष अशोक बैरवा ने बताया कि बजरी माफियाओं पर कठोर कार्रवाई नहीं होने से वे इतना बड़ा अपराध करने से भी नहीं डर रहे हैं। कलेक्टर डॉ. सौम्या झा ने बताया कि हेड कॉन्स्टेबल की ट्रैक्टर-ट्रॉली से मौत मामले में लोगों ने ज्ञापन दिया है। इस मामले में नियमानुसार पीड़ित परिवार को मदद की जाएगी। कलेक्टर की अभिशंषा पर हेड कॉन्स्टेबल के बच्चों को अच्छी स्कूल में एडमिशन दिलाया जाएगा। जो मांगें राज्य स्तर पर पूरा होने की है, वे जयपुर भेज दी है। मामले में विभिन्न मांगों को लेकर बैरवा समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। कलेक्टर को ज्ञापन देने के बाद परिजन और समाज के लोगों ने मांगों को पूरा करने का लिखित पत्र मांगा रहे है। इनका कहना है कि लिखित पत्र मिलने के बाद ही शव का अंतिम संस्कार करेंगे। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने स्थानीय विधायक सचिन पायलट मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरिप्रसाद बैरवा की मौजूदगी में ये नारेबाजी हुई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत अन्य लोगों ने बात कर नारेबाजी रोकी।

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