– सीएम अशोक गहलोत ने संकेत दिए हैं कि 18 अक्टूबर के आसपास टिकट फाइनल होने की संभावना
जयपुर. बीजेपी ने 41 प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी कर दी, लेकिन कांग्रेस उम्मीदवारों की घोषणा में अभी वक्त लगेगा। सीएम अशोक गहलोत ने संकेत दिए हैं कि 18 अक्टूबर के आसपास टिकट फाइनल होने की संभावना है। कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली लिस्ट के सवाल पर गहलोत ने कहा अभी तो प्रोसेस शुरू हुआ है। मैं समझता हूं कि 18 तारीख के आसपास उम्मीद कर सकते हैं। जब सीईसी की बैठक शुरू होगी। तभी बता पाएंगे कि फाइनल कब होगा। गहलोत दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। गहलोत ने चुनावी फंडिंग और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग को लेकर केंद्र सरकार और बीजेपी पर फिर निशाना साधा है। गहलोत ने कहा इस बार जनता से हम अपील करेंगे कि हमें मौका दो। बीजेपी के पास साधनों की कमी नहीं है। इलेक्टोरल बॉन्ड निकाल रखे हैं। बॉन्ड एक तरह से करप्शन है। यह लीगली करप्शन है। बॉन्ड के नाम पर तरीका निकाल दिया। बॉन्ड का 95% पैसा इनके पास आता है। हमसे कोई उद्योगपति मिलने भी आ जाता है तो शाम को घर-दफ्तर पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट पहुंच जाता है। ईडी पहुंच जाती है। लोग डरे हुए हैं, आप सोच सकते हैं। इस माहौल में हम काम कर रहे हैं। भाजपा के सात सांसदों को विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाने के सवाल पर गहलोत ने कहा इन्होंने सात सांसद उतारे हैं। इन्होंने तो पहले ही हार स्वीकार कर ली है। आप बताइए, सात एमपी किसी राज्य में नहीं उतारे गए होंगे। गहलोत ने कहा राजस्थान की सरकार गिरा नहीं पाए, वह दर्द इनके दिल के कोने में ऐसा छिपा हुआ है। बार-बार वह दर्द बाहर निकलता है। चाहे नरेंद्र मोदी हो या अमित शाह हो, धर्मेंद्र प्रधान हो या गजेंद्र शेखावत हो या जफर इस्लाम हो। उनके दिल में एक कोने में दर्द अलग छिपा हुआ है। नहीं चाहते हुए भी वह दर्द बाहर निकलता है। बार-बार वह दर्द इनको तंग करता है। ये हमें तंग करते हैं। सोनिया गांधी से मुलाकात पर गहलोत ने कहा सोनिया गांधी लंबे समय तक हमारी राष्ट्रीय अध्यक्ष रही हैं। उनसे शिष्टाचार मुलाकात करना हमारा फर्ज बनता है। जब भी दिल्ली आना होता है, उनसे शिष्टाचार मुलाकात करते हैं। हम यहां तक पहुंचे हैं। उसमें उनका योगदान है। उनके आशीर्वाद से पहुंचे हैं। पहली बार जब मैं मुख्यमंत्री बना, तब से उनका आशीर्वाद मुझे मिला तभी तो बन पाया। उनका विश्वास था। विश्वास 25 साल से बनाए रखना बहुत बड़ी बात है। वह विश्वास कायम रखा हुआ है, इसलिए जब कभी दिल्ली आते हैं। मौका मिलता है तो कर्टसी कॉल के नाते हम मिलते हैं।
आखिरी समय में जातिगत जनगणना की घोषणा करने के सवाल पर गहलोत ने कहा रायपुर में एआईसीसी का प्रस्ताव पास हुआ था। उसके अनुसार हमने जातिगत जनगणना का फैसला किया है। कांग्रेस के इस फैसले का कम से कम बीजेपी को स्वागत करना चाहिए था। 1931 में जातिगत जनगणना हुई थी। उसके आंकड़े मौजूद हैं। उसको लेकर आपस में गलतफहमी होती रहती है, झगड़े होते रहते हैं। अब इतना बड़ा फैसला हो जाता है तो भारत सरकार को चाहिए आगे आकर उसका स्वागत करे। जैसे हमने महिला आरक्षण बिल का स्वागत किया, उसी तर्ज पर हमारी इस पहल का पीएम नरेंद्र मोदी को स्वागत करना चाहिए कि कोई बात नहीं, देर से ही सही अच्छा सुझाव आया। गहलोत ने कहा देश में जातिवाद और जाति तो समाप्त होने वाले नहीं हैं। सदियों से चल रहा है, जो समाप्त नहीं होगा। आपको सब जातियों को साथ लेकर चलना पड़ेगा। सब धर्म को साथ लेकर चलना पड़ेगा तो सबको विश्वास होगा कि हमारे साथ न्याय हो रहा है, इसलिए सोच-समझ कर बड़ा फैसला किया है।

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