जयपुर. जयपुर में एआरएल ग्रुप और अक्षत बिल्डर्स पर आयकर विभाग की छापेमारी आज तीसरे दिन भी जारी है। शनिवार सुबह आयकर की टीमों को दोनों ग्रुप के संचालकों के पास करोड़ों रुपए के दस्तावेज मिले हैं। ग्रुप के संचालकों ने परिवार की संपत्ति बताने में भी फर्जीवाड़ा किया हुआ है। आयकर विभाग की टीम आज एक बैंक लॉकर खोलेगी। अभी तक टीम 13 में से 12 लॉकर खोलकर सोना और कैश जब्त कर चुकी है। आयकर विभाग की टीम ने गुरुवार सुबह ग्रुप के 11 ठिकानों पर छापे मारे थे। आज तीन ठिकानों पर सर्च खत्म कर दिया गया है। अब 8 जगह सर्च की जा रही है। आयकर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले दो दिन में आयकर विभाग के अधिकारियों को दोनों समूहों के पास बड़ी मात्रा में संपत्ति मिली है। छापे के दौरान 8 लॉकरों से 16 किलो से ज्यादा सोना मिला है। 4 लॉकर से निवेश के दस्तावेज मिले हैं। आयकर की टीम आज एक बचे हुए लॉकर को खोलेगी। साथ ही 6 अलग-अलग जगहों से 70 लाख की नकदी मिली है। वहीं, 50 करोड़ से ज्यादा के शेयर दोनों समूहों के मिले हैं। आयकर की टीम दोनों समूहों के निवेशकों के पिछले 3 साल के बैंक, प्रॉपर्टी, टैक्स के दस्तावेज देख रही है। दोनों ग्रुप ने आयकर को 100 करोड़ से अधिक खर्च की जानकारी दी। उन सभी खर्चों की टीम जांच कर रही है। एआरएल ग्रुप ने 30 करोड़ के लाभ पर टैक्स चोरी की है। दरअसल, आयकर विभाग ने 16 मई की सुबह जयपुर, बगरू और बिंदायका में कुल 11 स्थानों पर छापेमारी की थी। आयकर की टीमों ने दोनों ग्रुपों के नन्द किशोर जैन, सुनील जैन, अंकित जैन, अक्षत जैन, पदम चन्द जैन और जुगल भनोट से पूछताछ की है। इन दो में से एक ग्रुप में निवेश किए हुए कुछ बाहरी ग्रुप से भी आयकर की टीम पूछताछ कर सकती हैं।

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