जयपुर। प्र्रमुख उद्यमी और समाजसेवी एवं देश के प्रमुख मेटल, मिनरल्स, ऑयल एण्ड गैस उत्पादक समूह वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल को मुबंई शहर के विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिये प्रतिष्ठित मुंबई रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार महाराष्ट्र के माननीय राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मुंबई में राजभवन में आयोजित समारोह में प्रदान किया।
वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि, मैं सिर्फ 19 साल का था, जब अवसरों के शहर मुंबई के लिए मैंने ट्रेन पकड़ी लेकिन पता ही नहीं चला यह शहर कब मेरा बन गया। मैंने अपने आप से यह वादा किया अगर मैं कुछ बना तो इस शहर के लिए ज़रूर कुछ अच्छा करूंगा इस तरह मेरे सफर की शुरूआत हुई। इस पुरस्कार को पाकर मै विनम्र और गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। मैं महाराष्ट्र के माननीय राज्यपाल, भगत सिंह कोश्यारी जी का हृदय से आभार प्रकट करता हूं जिन्होंने मेरे प्रयासों के लिये मुझे यह सम्मान दिया।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र अवसरों और निवेश के लिये आकर्षक प्रदेश है, जो कि कुछ वर्षों में, राज्य विनिर्माण, वित्तीय बाजारों, प्रौद्योगिकी के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है, जहां गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन है। यह प्रदेश परंपरागत तौर पर भौगोलिक रूप से अनुकूल एवं औद्योगिक विकास में अग्रणी है। हमें गर्व है कि हम यहां अपनी प्रौद्योगिकी कंपनी का सफलतापूर्वक संचालन कर रहे हैं। पथ प्रदर्शक बनने लिये महाराष्ट्र और मुंबई को मेरी शुभकामनाएं।
मुंबई रत्न पुरस्कार विशिष्ट व्यक्तियों को विभिन्न क्षेत्रों में उनके बेदाग योगदान एवं उच्चतम असाधारण सेवाओं के सम्मान हेतु प्रदान किए जाते हैं। मुंबई रत्न पुरस्कार फिल्म्स टुडे मीडिया लिमिटेड, नाना नानी फाउंडेशन और एनर ग्रुप द्वारा स्थापित किए गए हैं।
इस वर्ष अन्य पुरस्कार विजेताओं में टाटा समूह के मानद चेयरमैन रतन टाटा, गोदरेज समूह के चेयरमैन आदि गोदरेज, हीरानंदानी समूह के सह-संस्थापक और प्रबंध निदेशक, निरंजन हीरानंदानी और बीएमसी आयुक्त आईएस चहल शामिल हैं।

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